मध्यरात्रि में राष्ट्रीय राजमार्ग पर औचक जांच: सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर 3 बसों के चालान, 65 हजार का जुर्माना

अनिल कुमार

ब्यावर। स्मार्ट हलचल |राष्ट्रीय राजमार्ग पर संचालित लक्जरी एवं स्लीपर बसों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), ब्यावर के नेतृत्व में मंगलवार मध्यरात्रि को संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण अभियान चलाया। जांच के दौरान सुरक्षा मानकों में गंभीर खामियां मिलने पर टीम ने 3 बसों के चालान बनाकर कुल ₹65,000 का जुर्माना वसूला।प्राधिकरण की सचिव (अपर जिला न्यायाधीश) सोनल पारीख के नेतृत्व में निकली इस संयुक्त टीम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, उप पुलिस अधीक्षक (डीवाईएसपी), जिला परिवहन अधिकारी, यातायात पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी शामिल थे। टीम ने हाईवे पर अचानक नाकेबंदी कर 5 लक्जरी एवं स्लीपर बसों को रोककर उनके परमिट, फिटनेस, आपातकालीन निकास द्वार और अग्निशामक यंत्रों की बारीकी से जांच की।

निरीक्षण के दौरान 3 बसों में इमरजेंसी एग्जिट (आपातकालीन निकास) में अनधिकृत बदलाव, सुरक्षा उपकरणों की अनुपलब्धता और तय नियमों की सीधी अवहेलना पाई गई। टीम ने इसे यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ मानते हुए मौके पर ही चालानी कार्रवाई की।

सचिव सोनल पारीख ने बताया कि पूर्व में मिली शिकायतों और निरीक्षण में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर यह दोबारा कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बसों में आपातकालीन निकास और अग्निशामक यंत्र केवल कागजी औपचारिकता नहीं, बल्कि हादसों के वक्त यात्रियों की जान बचाने का मुख्य जरिया हैं। प्राधिकरण का उद्देश्य केवल जुर्माना लगाना नहीं, बल्कि बस संचालकों को यात्रियों की सुरक्षा के प्रति जवाबदेह बनाना है। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ आगे भी ऐसे ही औचक निरीक्षण और कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।