धुंधलेश्वर महादेव पहाड़ पर महात्मा का शव मिलाः गुजरात निवासी थे मृतक, एकांत समाधि की आशंका

अविनाश मीणा

स्मार्ट हलचल।घाड़ (देवली), टोंक|घाड़ क्षेत्र के प्रसिद्ध धुंधलेश्वर महादेव मंदिर के ऊपरी पहाड़ पर शनिवार को एक महात्मा का शव मिलने से हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर देर रात घाड़ थाना पुलिस और विधि विज्ञान प्रयोगशाला (SFL) की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाकर शव को अपने कब्जे में ले लिया।

थाना प्रभारी हरीराम वर्मा ने बताया कि मृतक के पास मिले सामान की तलाशी में एक ड्राइविंग लाइसेंस बरामद हुआ है।

इससे उनकी पहचान गुजरात निवासी महात्मा के रूप में हुई है। उनके सामान से 10,510 रुपये नकद और 5 रुपये के दो सिक्के भी मिले हैं। पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है और शव को दूनी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।

धुंधलेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी हेमराज ने जानकारी दी कि कुछ दिनों पहले यह महात्मा मंदिर में आए थे। पुजारी ने उनके रहने और भोजन-दूध की व्यवस्था की थी। पुजारी के अनुसार, “तीसरे दिन सुबह जब मैं सेवा-पूजा के लिए दूध लेकर पहुंचा, तो महात्मा वहां नहीं थे। वे सुबह जल्दी ही स्नान करके कहीं निकल गए थे।”

पुजारी ने आगे बताया कि महात्मा के अचानक चले जाने के कुछ दिनों बाद उनकी पत्नी गुजरात से उन्हें ढूंढते हुए धुंधलेश्वर महादेव मंदिर पहुंची थीं। जब उन्हें पता चला कि महात्मा यहां से जा चुके हैं, तो वे पुजारी को अपना मोबाइल नंबर देकर गईं थीं, ताकि कोई सुराग मिलने पर उन्हें सूचित किया जा सके।

पुलिस को जांच के दौरान महात्मा के सामान से एक डायरी (कॉपी) भी मिली है, जिसमें वे कथाएं लिखा करते थे। इस डायरी में अंतिम कथा 8 मार्च को लिखी गई थी। इस घटना को लेकर क्षेत्र में एकांत समाधि की चर्चा है।

इधर, ग्रामीणों और स्थानीय क्षेत्र के लोगों में चर्चा है कि महात्मा ने इस निर्जन और शांत पहाड़ी पर आकर एकांत समाधि ली है। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जाँच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व परिजनों के आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।