बैंकों की सुस्त कार्यशैली पर कलेक्टर सख्त, कमजोर वर्गों को ऋण वितरण बढ़ाने के निर्देश

( महेन्द्र नागौरी)

पीएम स्वनिधि सहित विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के लंबित प्रकरण जल्द निपटाने के आदेश, खराब प्रदर्शन वाले बैंकों पर होगी कार्रवाई

भीलवाड़ा|स्मार्ट हलचल।जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू ने समाज के कमजोर एवं महिला वर्ग को ऋण वितरण में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए सभी बैंकों को इन वर्गों को प्राथमिकता के आधार पर अधिकाधिक ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचना चाहिए और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंगलवार को जिला कलक्टर सभागार में आयोजित मार्च-2026 तिमाही की जिला स्तरीय बैंकिंग समन्वय एवं समीक्षा समिति (डीएलसीसी) बैठक की अध्यक्षता करते हुए कलक्टर संधू ने बैंक अधिकारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की और कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
पीएम स्वनिधि में लापरवाही पर जताई नाराजगी:-
जिला कलक्टर ने पीएम स्वनिधि योजना के तहत 1 जून से 30 जून तक चल रहे विशेष अभियान की समीक्षा करते हुए सभी बैंकों में लंबित ऋण आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन बैंकों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं है, उनके खिलाफ राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी), जयपुर को पत्र भेजा जाएगा।
स्वरोजगार योजनाओं के लंबित आवेदन तुरंत निपटाने के निर्देश
बैठक में डॉ. भीमराव अंबेडकर दलित आदिवासी लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना, विश्वकर्मा युवा उद्यम प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना तथा प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना की समीक्षा करते हुए कलक्टर ने बैंकों में लंबित आवेदनों को प्राथमिकता से निस्तारित करने के निर्देश दिए।
जिले ने वार्षिक साख योजना का लक्ष्य किया पार
अग्रणी जिला प्रबंधक अशोक कुमार पाण्डेय ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 31 मार्च 2026 तक जिले में प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों में 17,456.91 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए, जो वार्षिक लक्ष्य 17,437 करोड़ रुपये का 100.11 प्रतिशत है। जिले ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक उपलब्धि हासिल की है।
रुडसेट के प्रशिक्षित युवाओं को ऋण देने पर जोर
कलक्टर संधू ने रुडसेट संस्थान, सुवाणा के प्रशिक्षण कार्यक्रमों और उनसे सृजित रोजगार अवसरों की समीक्षा करते हुए विभिन्न बैंकों में लंबित ऋण आवेदनों को जल्द स्वीकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार का अवसर मिल सकेगा।
निष्क्रिय बैंक मित्रों और री-केवाईसी पर भी सख्ती:-
बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक के प्रबंधक राजीव चौधरी ने जिले में कार्यरत बैंक मित्रों की निष्क्रियता पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने फिनो पेमेंट्स बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एचडीएफसी बैंक को निष्क्रिय बैंक मित्रों को सक्रिय करने अथवा उनके स्थान पर नए बैंक मित्र नियुक्त करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही विभिन्न बैंक शाखाओं में लंबित री-केवाईसी (Re-KYC) खातों का मामला भी उठाया गया। जिन बैंकों में ऐसे खाते अधिक संख्या में लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
बैंकिंग सेवाओं को जनहित से जोड़ने पर जोर
बैठक में बैंक ऑफ बड़ौदा के उप क्षेत्रीय प्रमुख अमित टुकड़िया, राजस्थान ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रमुख अजय कुमार दुग्गल, जिला उद्योग केंद्र के संयुक्त आयुक्त एवं महाप्रबंधक के.के. मीणा, रुडसेट संस्थान के निदेशक शैलेंद्र धाकड़, राजीविका के नगेंद्र तंबोलिया, विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। अंत में अमित टुकड़िया ने सभी का आभार व्यक्त किया।