जयपुर में गूंजा एआई आधारित भारत का विजन, राजस्थान को टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में नई पहल
अजय सिंह (चिंटू)
जयपुर-स्मार्ट हलचल।राजधानी जयपुर स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान में आयोजित राजस्थान एआई समिट 2026 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), नवाचार, तकनीकी शिक्षा, रोजगार और भविष्य की चुनौतियों को लेकर व्यापक चर्चा हुई। राइट कोड सोसायटी के तत्वावधान में आयोजित इस समिट में देशभर से शिक्षाविद, तकनीकी विशेषज्ञ, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, स्टार्टअप संस्थापक और बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए।
समिट का मुख्य फोकस शिक्षा और उद्योग जगत के बीच बढ़ते स्किल गैप को कम करना, युवाओं को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग से जोड़ना, स्टार्टअप संस्कृति को मजबूत करना और भारत को एआई एवं उभरती तकनीकों के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाना रहा।
आयोजन से जुड़े गौरव शर्मा और मेंटर डॉ. आशुतोष पंत ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी वाला देश है और यदि युवाओं को समयानुकूल कौशल, प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराए जाएं तो भारत एआई क्रांति में अग्रणी भूमिका निभा सकता है। कार्यक्रम के दौरान डिफेंस रोबोट्स प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही, जहां आधुनिक तकनीकों और रोबोटिक्स के नए आयामों की झलक देखने को मिली।
समिति अध्यक्ष आदित्य नाग की मौजूदगी में आयोजित इस समिट में एनआईएक्सआई के सीईओ डॉ. देवेश त्यागी, रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ डॉ. निशाकांत ओझा, आईओसीएल के पूर्व स्वतंत्र निदेशक डॉ. आशुतोष पंत, आईआईटी मंडी के प्रो. डॉ. अमित शुक्ला, ऑस्कर विजेता हॉलीवुड एडिटर डॉ. अनुराधा सिंह तथा आईओसीएल के एआई-एमएल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मनीष मलिक सहित कई विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
विशेषज्ञों ने हेल्थकेयर, शिक्षा, कृषि, रोबोटिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक क्षेत्रों में एआई की बढ़ती उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में तकनीक आधारित रोजगार, उद्यमिता और नवाचार के नए अवसर तेजी से बढ़ेंगे। ऐसे में युवाओं को केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित रखने के बजाय उन्हें भविष्य उन्मुख तकनीकी कौशल से जोड़ना आवश्यक है।
कार्यक्रम की प्रमुख पहल “भारत भाग्य विधाता (बीबीवी)” रही, जिसके तहत युवाओं को एआई-एमएल से जुड़े 1000 से अधिक कोर्स, वर्कशॉप, प्रशिक्षण कार्यक्रम, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और रोजगारोन्मुख संसाधनों से जोड़ने की योजना प्रस्तुत की गई। इस पहल का उद्देश्य युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाना, उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और स्वरोजगार व उद्यमिता को बढ़ावा देना बताया गया।
वक्ताओं ने विश्वास जताया कि इस तरह की पहलें राजस्थान को उभरते एआई और टेक्नोलॉजी हब के रूप में नई पहचान दिला सकती हैं। साथ ही युवाओं को वैश्विक शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और विचारकों से जोड़कर ज्ञान, नवाचार और मानवता आधारित नेतृत्व की दिशा में प्रेरित करने का प्रयास भी किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में सचिव अजीत कौशिक ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। यह आयोजन एरीना मल्टीमीडिया और ओपन फॉर स्माइल ऑलवेज संस्थान के सहयोग से संपन्न हुआ।
