जैन धर्म में माता का स्थान अत्यंत गौरवशाली और पूजनीय: युवाचार्य महेंद्र ऋषि जी

ओम जैन

शंभूपुरा। स्मार्ट हलचल|जैन धर्म में माता का स्थान अत्यंत गौरवशाली और पूजनीय माना गया है। माँ केवल जन्म देने वाली नहीं, बल्कि जीवन की प्रथम गुरु और संस्कारों की नींव होती है।
यह बात श्रमण संघ के युवाचार्य महेंद्र ऋषि जी म. सा. ने शांति भवन सेन्थी में मदर्स डे के उपलक्ष्य में प्रवचन के दौरान कही। युवाचार्य ने कहा कि उपदेशों से जो नहीं सुधरते, उन्हें माँ की लोरी सुधार देती है।” बालक के गर्भ में आने से लेकर उसके बड़े होने तक, माँ के विचार और उसका आचरण बालक के चरित्र का निर्माण करते हैं। यदि माँ धार्मिक और संयमी है, तो संतान स्वतः ही धर्म मार्ग पर प्रशस्त होती है।
उन्होंने कहा माँ की महिमा अपरंपार और अवर्णनीय है। दुनिया में अगर कहीं निस्वार्थ प्रेम का साक्षात स्वरूप देखना हो, तो वह माँ के रूप में ही मिलता है।
युवाचार्य ने समय का महत्व समझाते हुए कभी इसे व्यर्थ ना करने की बात कही, उन्होंने कहा समय कभी किसी के लिए नहीं रुकता। चाहे कोई राजा हो या रंक, समय अपनी गति से चलता रहता है। जो व्यक्ति समय के साथ कदम मिलाकर चलता है, वही सफलता के शिखर तक पहुँचता है।
इससे पूर्व रविवार को प्रातः 6 बजे दिवाकर भवन से विहार कर युवाचार्य 7:30 बजे शांतिभवन पहुंचे, इस दौरान सेन्थी श्री संघ से बड़ी संख्या में श्रावक श्राविकाएं ओर नवयुवक मंडल अगुवानी करने प्रतापनगर चौराहे पहुंचे जहाँ से जयकारों के साथ बड़ी संख्या में समाजजन साथ चल रहे थे, युवाचार्य के साथ सभी साधु सन्तो का शांति भवन सेन्थी में भव्य प्रवेश हुआ।
इस दौरान युवाचार्य आदि ठाणा 4 के साथ ही मेवाड़ भास्कर प्रवर्तक कोमल मुनि जी आदि ठाणा 2, उपप्रवर्तनी साध्वी श्री दिव्य ज्योति जी आदि ठाणा 6, साध्वी श्री सुचेता जी म.सा. आदि ठाणा 3, साध्वी श्री प्रतिभा जी म. सा. आदि ठाणा 4, साध्वी श्री महिमा जी म.सा. आदि ठाणा 4 ओर साध्वी श्री अर्पण प्रज्ञा जी म.सा. आदि ठाणा 3 का भी पदार्पण हुआ।
साथ ही समाजजनो द्वारा गुरु भगवंत को 51 आयम्बिल रखकर अनूठी भेंट समर्पित की गई।
श्री शीतल वेणी यश महिला मंडल की तरफ से मंगलाचरण एवं श्री जैन दिवाकर महिला मंडल की तरफ से स्वागत गीत से अभिनन्दन किया।
सेन्थी श्री संघ अध्यक्ष अनिल पोखरना ने बाहर से आये सभी अतिथियों का अभिनन्दन किया, श्रीसंघ मंत्री ओम जैन शंभूपुरा ने सभी का आभार व्यक्त किया।