10 दिन के संघर्ष के बाद झुका प्रबंधन, लिखित आश्वासन पर खत्म हुआ धरना

एनजीटी के फैसले के बाद ही तय होगा फैक्ट्री का भविष्य*

लाखेरी -स्मार्ट हलचल|कस्बे में स्थित एशिया की पहली सीमेंट फैक्ट्री के करीब सात माह से बंद होने के कारण लोग बेरोजगार हो गए। एसीसी अडानी सीमेंट प्लांट शुरू करवाने की मांग को लेकर नगरपालिका अध्यक्ष राकेश सैनी के नेतृत्व में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना गुरुवार को नौ दिन बाद समाप्त हो गया। फैक्ट्री के एचआर मैनेजर अजय दुबे ने लिखित आश्वासन दिया कि 28 अक्टूबर को एनजीटी का फैसला प्लांट के पक्ष में आने पर दो महीने के भीतर संचालन शुरू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। मशीनरी और कोयला बाहर नहीं ले जाने पर भी सहमति बनी।
भाजपा मंडल अध्यक्ष नवीन यादव ने धरना समाप्ति की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्लांट लाखेरी के हजारों परिवारों की आजीविका से जुड़ा है। प्रबंधन ने लिखित आश्वासन दिया है, इसलिए अब सभी की नजर एनजीटी के फैसले पर है। फैसला पक्ष में आने पर प्लांट शुरू करवाने के लिए आगे भी प्रयास किए जाएंगे।
नगरपालिका अध्यक्ष राकेश सैनी ने कहा कि प्लांट बंद होने से श्रमिकों के साथ व्यापारी और परिवहन व्यवसायी भी प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आंदोलन में सहयोग देने वाले श्रमिकों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों का आभार जताया।
अब प्लांट का भविष्य 28 अक्टूबर को आने वाले एनजीटी के फैसले पर निर्भर है। इस धरने में श्रमिक, आमजन, सामाजिक संगठन, राजनीतिक संगठन, वार्ड पार्षद सहित अनेक लोग शामिल रहे। परन्तु फैक्ट्री के भविष्य को लेकर भी शहरवासियों में चिंता है, कि फैक्ट्री का संचालन कब तक होगा और लोगों को रोजगार मिलेगा।