अनिल कुमार
ब्यावर/स्मार्ट हलचल|रायपुर थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पिछले 13 वर्षों से फरार चल रहे दो शातिर इनामी अपराधियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। आरोपियों पर ₹5,000 का इनाम घोषित था और वे न्यायालय से स्थाई वारंटी भी थे। पुलिस टीम ने करीब 1200 किलोमीटर तक आरोपियों का पीछा कर उन्हें चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा से धर दबोचा।
‘यूलिफ फॉर्च्यून’ कंपनी बनाकर की थी लाखों की ठगी
घटना 12 सितंबर 2013 की है, जब हरिपुर (रायपुर, जिला ब्यावर) निवासी श्यामलाल ने रायपुर थाने में मामला दर्ज कराया था। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2010 में जोधपुर निवासी आरोपियों ने ग्राम दीपावास में टेंट और माइक लगाकर ‘यूलिफ फॉर्च्यून’ (Ulif Fortune) नामक एक फर्जी चिटफंड स्कीम का जमकर प्रचार-प्रसार किया था।
आरोपियों ने खुद को इस कंपनी का मालिक बताते हुए ग्रामीणों को झांसा दिया कि:
प्रत्येक व्यक्ति को कंपनी में ₹3200 जमा कराने होंगे।
इसके बदले कंपनी उन्हें व्यक्तिगत दुर्घटना और अस्पताल खर्च की पॉलिसी देगी।
4 साल के भीतर दुर्घटना में मृत्यु होने पर ₹1,25,000 और स्वाभाविक मृत्यु होने पर ₹50,000 का बीमा क्लेम दिया जाएगा।
ज्यादा से ज्यादा सदस्य (चेन सिस्टम) बनाने पर भारी मुनाफे का लालच भी दिया गया।
भोले-भाले ग्रामीणों ने अपने रिश्तेदारों से ₹3200-3200 इकट्ठे कर कंपनी में जमा करवा दिए। इसके बाद आरोपी लाखों रुपये हड़प कर अपने जोधपुर स्थित कार्यालय पर ताला लगाकर रातों-रात फरार हो गए।
13 साल तक पुलिस को छकाते रहे आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी मूल रूप से बीकानेर के रहने वाले थे, लेकिन ठगी के बाद वे बीकानेर से भी अपना घर छोड़ कर गायब हो गए। पुलिस को कोई सुराग न मिलने पर जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा आरोपियों पर ₹5,000 का इनाम घोषित किया गया। काफी तलाश के बाद भी जब आरोपी नहीं मिले, तो माननीय न्यायालय ने उनके खिलाफ स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी किया और पुलिस ने धारा 299 सीआरपीसी के तहत कोर्ट में चार्जशीट पेश की।
ऐसे जाल में फंसे आरोपी (1200 किमी पीछा कर दबोचा)
जिला पुलिस अधीक्षक ब्यावर, श्री रतन सिंह (IPS) के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती अनुकृति उज्जैनिया के सुपरविजन में वांछित अपराधियों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया गया।
रायपुर थानाधिकारी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने बीकानेर जाकर गोपनीय रूप से आसूचना संकलन (Intelligence) किया और तकनीकी सहायता का गहन विश्लेषण किया। जांच में पता चला कि आरोपी गिरफ्तारी के डर से पिछले 13 साल से बीकानेर छोड़कर चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा में नाम बदलकर रह रहे थे। पुलिस टीम ने तुरंत जाल बिछाया और करीब 1200 किलोमीटर तक आरोपियों का पीछा करते हुए उन्हें रावतभाटा से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:
बलवंत कुमार उर्फ बलवंत पंवार (68 वर्ष) पुत्र चुन्नीलाल, जाति सिकलीघर लोहार (निवासी: नयाशहर, बीकानेर। हाल निवासी: गणेश नगर, बिजलीघर के पीछे, रावतभाटा, चित्तौड़गढ़)
वतन कुमार उर्फ वतन पंवार (36 वर्ष) पुत्र बलवंत कुमार (निवासी: नयाशहर, बीकानेर। हाल निवासी: गणेश नगर, रावतभाटा, चित्तौड़गढ़)
दर्ज मुकदमा और धाराएं:
प्रकरण संख्या: 339 दिनांक 12.09.2013
धाराएं: 418, 420, 406 भादंसं (IPC) और 3, 4, 5 इनामी चिटफंड एवं धन परिचालन (पाबंदी) अधिनियम 1975
पुलिस थाना: रायपुर (जिला ब्यावर)
पुलिस टीम की मुख्य भूमिका:
आरोपियों को पकड़ने में रायपुर थाने की इस विशेष टीम का सराहनीय योगदान रहा:
मनोहरलाल, सहायक उपनिरीक्षक (ASI) – विशेष योगदान
मनोज, कांस्टेबल (नंबर 510), सोमवीर, कांस्टेबल (नंबर 469)
