एजाज़ अहमद उस्मानी
मेड़ता रोड|स्मार्ट हलचल|राजस्थान में इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। तापमान लगातार बढ़ने के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। खासतौर पर सुबह 11 बजे के बाद हालात और भी गंभीर हो जाते हैं, जब तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को झुलसा देती हैं।
इस भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर नागौर जिले में स्कूली छोटे बच्चों पर देखने को मिल रहा है। जिला मुख्यालय सहित जिले के सभी शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों में दोपहर के समय स्कूल से लौटते वक्त बच्चे लू और तेज धूप की चपेट में आ रहे हैं, जिससे उनकी सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ गई है। अभिभावकों में इस स्थिति को लेकर चिंता साफ नजर आ रही है। प्रदेश के कई जिलों के जिला कलेक्टरों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव कर दिया है। नए आदेशों के तहत स्कूलों का समय सुबह जल्दी कर दिया गया है, ताकि बच्चों को दोपहर की भीषण गर्मी से बचाया जा सके।हालांकि, नागौर जिले में अभी तक स्कूल समय परिवर्तन को लेकर जिला कलेक्टर द्वारा कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है। इससे अभिभावकों और स्थानीय लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वे लगातार प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द स्कूलों के समय में बदलाव किया जाए।
अभिभावकों का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में बच्चों को दोपहर की तेज गर्मी में स्कूल भेजना जोखिम भरा है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि अन्य जिलों की तरह नागौर में भी तुरंत प्रभाव से स्कूलों का समय सुबह किया जाए, ताकि बच्चों को लू और गर्मी से बचाया जा सके। वर्तमान में स्कूल का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक निर्धारित है, जिसे बदलकर सुबह 7:30 बजे से 11:00 बजे तक किया जाना चाहिए। इससे कक्षा नर्सरी से लेकर कक्षा आठ तक के छोटे विद्यार्थियों को काफी राहत मिल सकेगी और वे भीषण गर्मी के प्रकोप से सुरक्षित रह पाएंगे।
अब सभी की नजरें नागौर जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वह कब इस गंभीर मुद्दे पर फैसला लेकर अभिभावकों और बच्चों को राहत प्रदान करेगा।
